Monday, December 2, 2019

बस यूँ ही...

गर आज वो बच्चा छोटी से छोटी बात सुना पायेगा
तो कल वो बड़ी बात भी नही छुपायेगा...

ज़िंदगी के थपेड़े कभी न कभी वो भी झेलेगा..
पर आज तो वो बच्चा है .. तो ज़ाहिर है थोड़ा खेलेगा..

माना की मां बाप हो..प्यार करते हो तो इज़हार करो..
उसकी सुनो.. अपनी कम सुनाओ.. औऱ उसके साथ वक्त बिताओ..

उसको तो बड़ा होना है .. हो ही जाना है...
पर ये तय है ये बचपन फिर न आना है..

मासूम के मन में क्या है.. क्या कहना चाहता है..
कभी अपने से पूछो कि क्या वो कह पाता है..

बचपन हर बच्चे के लिए ज़रूरी होता है..
क्योंकि कइयों के लिये ज़िंदगी का सफर ही उनकी मंज़िल होता है..

धीरज..

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