पापा मेरे सुपर हीरो और मै एकदम बेकार था..
10 साल बाद मैं 20 का हुआ
मुझे लगा मेरे को काफ़ी ज़्यादा और पापा को ज़्यादा कुछ नही पता
फिर और 10 साल निकले मैं 30 का हुआ..
अब तो लगता था जो कुछ हूँ मैं ही हूँ ..पापा से क्यों कुछ पूछूँ और क्यों कुछ कहूँ..
बात जब 40 पर टिकती हैं..
बावजूद सारी होशियारी के पापा की सलाह की ज़रूरत पड़ती है..
और जहां मैंने 50 को छुआ
ऐसा क्यों लगने लगा मुझे कुछ नही पापा को सब था पता..
आज जब 60 पर खड़ा हूँ
तो पता चला पापा मेरे सुपरहीरो और मैं एकदम बेकार हूँ..
धीरज