महीने का वही वाला शनिवार था
जब बीवी को किटी पार्टी और मुझे राशन लाना था
वैसे तो शुक्रवार को ही बीवी ने अपनी पूरी ज़िम्मेदारी निभाई थी
रोज़ देने वाली गालियों के साथ साथ राशन और सब्ज़ी की लिस्ट भी अच्छे से समझायी थी
पर मैडम को ये कहाँ पता था
की अपना दिमाग़ तो शनिवार शाम के दारु चखने में ही फसा था
ख़ैर दोपहर को दोनों ने अपनी अपनी मंज़िल का जायज़ा लिया
बीवी ने अपनी गाड़ी को किटी पार्टी और मैंने स्कूटी से सब्जी मंडी का रुख किया
मंडी में घुसते ही आलू - प्याज की आवाज़ सुनाई दी
मैंने कहाँ 5 -5 किलो दोनों दे दे भाई
सब्ज़ी वाला कतई धूर्त निकला
बोला भाईसाहब प्याज ज़्यादा खाने लगे हो ? भाभी से तो पक्का पूछ लिया
मुझे लगा कह तो कम्बख्त सही रहा है
पर इसे कौन बताये पूछने में डर लग रहा है
खैर हिम्मत जुटा कर फ़ोन किया
फ़ोन उठाते थी बीवी ने बोला गर्मी काफी है सब्ज़ी को धो कर फ्रिज में तो रख दिया ?
मैंने सोचा इससे पहले पूरा वीकेंड ख़राब हो जाए
कौन इससे पूछे चुप चाप जो समझ आये खरीद कर निकला जाए
पर नियति को कुछ और ही मंज़ूर था
उसने पूछ ही लिया क्या अभी तक सब्ज़ी में ही फसे हो.. ये बताओ फ़ोन क्यों किया था
मैंने भी थोड़ा बात घुमाते हुए बोला . कुछ नहीं सोचा तुम्हारे हाल चाल पूछ लू
और क्या खरीदना है एक बार चेक कर लूँ
दूसरी तरफ़ मानो सांप सूंघ गया .
तपाक से पहला हमला मेरे दोस्तों और दारु की बोतल पर किया
तुम एक काम करो कल की जो लिस्ट थी वो पड़ कर सुनाओ
और मेहरबानी कर के मेरी किट्टी की वाट न लगाओ
अब यहाँ काटो तो खून नहीं
कौनसी लिस्ट कैसी सब्ज़ी कहाँ का राशन कुछ अता पता नहीं
ख़ैर नेटवर्क का बहाना बना कर मैंने फ़ोन काट दिया
जो जितना समझ आया जैसे तैसे निपटारा किया
सोचा प्रोजेक्ट ख़त्म किया जाए
आगे का रायता ऑडिट में देखा जाए
तो भाई अपनी 100 cc की स्कूटी में सामान लाद कर घर पहुंचा
हमेशा की तरह बीवी ने एक एक सब्ज़ी और रेट का पूरा मुआयना किया
पिछले सारे राशन वाले शनिवारों के साथ ये वाला शनिवार भी जुड़ गया
मैंने भी चैन की सांस ली और सोचा ये काम भी निपट गया
तो भैया पूरी कथा से हम एक बात अच्छे से समझ गए है
उपरवाले ने क्यों मुँह एक और कान दो दिए है ....
धीरज